राजस्थान की थाली
पौष्टिक, स्वादिष्ट, सरल
Paper Type: 130 gsm art paper (matt) | Size: 190mm x 176mm
All colour; 66 photographs
ISBN-10: 93-86906-78-6 | ISBN-13: 978-93-86906-78-6

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राजस्थान की थालीः स्वस्थ ˚ स्वादिष्ट ˚ सरल यह पुस्तक विषद, चुनिंदा, अद्वितीय पारम्परिक और स्वादिष्ट व्यंजनों की सरल, किंतु घरेलू विविध पाक विधियाँ प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक घरेलू ज्ञान को युवा पीढ़ी और बहुसांस्कृतिक पाठकों तक ले जाती है। खाने को स्वादिष्ट, सम्पूर्ण एवं पौष्टिक बनाने के लिए प्रत्येक रेसिपी को पूरक खाद्य पदार्थों के साथ मिश्रित किया गया है। जीवन-शैली में बदलाव के कारण आराम से बैठकर पूरा भोजन करने की जगह नैकिंग, फिंगर फ़ूड और ‘क्विक बाइट्स’ जैसे हलके भोजन ने ले लिया है। ये व्यंजन भोजन में पर्याप्त पौष्टिक मूल्यों को जोड़ते हैं। बहुआयामी कार्यशैली वाली पीढ़ी की खान-पान संबंधी आदतों और जीवन-शैली से उत्पन्न परिस्थितियों में यह सहायक सिद्ध होगी। 

चयनित व्यंजनों को पाँच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है– अनाज, दाल, सब्जियाँ, मांसाहारी व्यंजन और त्योहारों के लिए विशेष व्यंजन। प्रत्येक रेसिपी को तैयारी का समय, खाना पकाने का समय, अवयवों, पोषण संबंधी मूल्यों और इसकी विविधताओं के लिए मानकीकृत किया गया है। विभिन्न जीवन-शैली, आयु वर्ग, शारीरिक क्षमता, पुरुषों और महिलाओं के लिए आवश्यक पोषण के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। प्रत्येक रेसिपी के पोषक मूल्यों का आकलन अनुसंधान और संदर्भ के आधार पर बारीकी से किया गया है।



Pushpa Gupta
Pushpa Gupta
Author

Pushpa Gupta did her M.Sc. and Ph.D. from MS University, Baroda and Gujarat University, Ahmedabad respectively. She had been associated with teaching, research and extension at College of Home Science for 39 years. Pushpa Gupta was head of the department and Dean of College of Home Science. She has several books and research papers to her credit and has received a national award for farm women empowerment. She is associated with NGOs for social work and also contributes articles for magazines.


पुष्पा गुप्ता ने एम एस विश्वविद्यालय, बड़ौदा से एमएससी, और गुजरात विश्वविद्यालय से पीएच.डी. किया है। वे 39 वर्षों तक कॉलेज ऑफ़ होम साइंस से सम्बद्ध रहीं तथा विभाग अध्यक्ष एवं कॉलेज ऑफ़ होम साइंस की डीन रहीं। उन्होंने कई पुस्तकें एवं शोध पत्र लिखे हैं। उन्हें कृषि महिला सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। वे सामाजिक कार्यों के लिए ग़ैर-सरकारी संस्थाओं से जुड़ी हैं और पत्र-पत्रिकाओं में लेख भी लिखती हैं।

Suman Bhatnagar
Suman Bhatnagar
Author

Suman Bhatnagar had completed her M.Sc., M.A. and Ph.D. from MS University, Baroda, Udaipur University and Gujarat University respectively. She was associated with teaching, research and extension at College of Home Science, and Directorate of Extension Education, Agriculture University, Udaipur for 20 years. She has worked as Project Officer (Education) with UNICEF, India for two decades and represented India in many countries. She is committed to render her services for ensuring the rights of children and empowerment of women. She is also writing books and articles in magazines and newspapers. Travelling is her passion and she enjoys writing about her experiences.

सुमन भटनागर ने एम एस विश्वविद्यालय, बड़ौदा से एमएससी, उदयपुर विश्वविद्यालय से एम.ए. और गुजरात विश्वविद्यालय से पीएच.डी. किया है। वे 20 वर्षों तक कॉलेज ऑफ़ होम साइंस तथा डॉक्टरेट ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, उदयपुर से सम्बद्ध रहीं। उन्होंने यूनिसेफ़, इंडिया के साथ प्रोजेक्ट ऑफ़िसर (एजुकेशन) के रूप में दो दशकों तक कार्य किया है और बहुत से देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वे बच्चों के अधिकारों एवं महिला सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए अपनी सेवाएँ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे पुस्तकें तथा पत्र-पत्रिकाओं में लेख भी लिखती हैं। उन्हें भ्रमण का शौक है और अपने अनुभवों के विषय में लिखना अच्छा लगता है।

डा.  उषा  कटारिया
डा. उषा कटारिया
Translator

डा. उषा कटारिया– एम.ए., पी.एच.डी. (संस्कृत), विगत 29 वर्षों से युनाइटेड स्टेट्स लाइब्रेरी ऑफ़ कांग्रेस, नई दिल्ली में संस्कृत, गुजराती एवं अन्य भारतीय भाषा विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत।