क्या कहता हैं कुम्भ?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कुम्भयानी मिट्टी का कलशजी हाँ, वही कलश जिसे लेकर इंद्रदेव स्वर्ग की ओर भागे थे और सारे ग्रह मिलकर इस अमृत की रक्षा कर रहे थे इसी सहभागिता के कारण कुम्भ का पर्व विशेष हो उठा इद्रंदेव को अमृत कलश स्वर्ग ले जाने में बारह दिन का समय लग गया था, जो कि मृतलोक में बारह वर्षों के समान है। यही वजह है कि बारह वर्षों के अंतराल में जब भी ग्रहों का सहभाग होता है, इसी विशेष पर्व पर कुम्भ का मेला आयोजित किया जाता है। मान्यता है कि इसी कलश से अमृत छलक कर चार विशेष स्थानों पर गिरा थाहरिद्वार, नासिक, उज्जैन और प्रयागराज

कुम्भ मेले की शुरुआत गुप्त काल के दौरान की गई थी और इसी मेले का विवरण हमें कई तथ्यों में मिलता है, जिनमें से पहला विवरण ह्वेन सांग के साहित्य से प्राप्त हुआ। लेकिन इस मेले का आरंभ किसने किया, इसकी कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अब प्रश्न यह उठता है कि यह संगम स्थल इतना महत्वपूर्ण क्यों है? इसका उत्तर हमें पद्म पुराण से प्राप्त होता हैयदि कोई गंगा,यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान करता है तो उसे मुक्ति प्राप्त होती है और इसी कारण श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण हो उठता है।

कुम्भ मेला पाँच भागों में विभाजित है:-

पहला, महाकुम्भ, जो सिर्फ प्रयागराज में हर बारह वर्ष के अंतराल पर होता है।

दूसरा, पूर्णकुम्भ, जो हर चार स्थानों पर बारह वर्ष के अंतराल होता है।

तीसरा, अर्धकुम्भ, जो हर छह वर्ष के अंतराल पर होता है।

चौथा, माघकुम्भ, जो हर बारह वर्ष के अंतराल माघ के महीने में होता है।

पाँचवाँ, कुम्भ, जो हर तीन वर्ष के अंतराल होता है।

वर्ष 2019 में माघ कुम्भ मेले का आरंभ 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन होने जा रहा है और यह महा उत्सव अगले 50 दिनों तक चलेगा।

इस विशेष उत्सव पर नियोगी बुक्स की ‘बहुवचन’  श्रृंखला ने कुम्भ मेले का संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करती एक किताब प्रकाशित की है— ‘कुम्भ मेला : एक क्षणिक महानगर का प्रतिचित्रण’, जिसमें बड़ी ही खूबसूरती के साथ कुम्भ के महत्व के बारे में बताया गया है। पाठकों को हर पन्नों में इससे जुड़ी विशेष जानकारियों का अनुभव होता रहेगा।

अंत में आप सभी पाठकों को माघ कुम्भ की हार्दिक शुभकामनाएँ |

Buy at:
HINDI: https://amzn.to/2SWkg64
ENGLISH: https://amzn.to/2MorA89

7 thoughts on “क्या कहता हैं कुम्भ?

Leave a Reply to Mehnaaz Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *